Jharkhand: मंत्री बनीं बेबी देवी नहीं पढ़ सकीं शपथ पत्र तो हेमंत सरकार में नहीं मिला शिक्षा विभाग, जानिए मिला कौन सा मंत्रालय
रांचीः झारखंड के पूर्व शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो सिर्फ दसवीं पास थे। मंत्री बनने के बाद जगरनाथ महतो ने 11वीं में एडमिशन लिया और परीक्षा पास करने का मन बनाया। लेकिन कोरोना काल में अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। लंबी बीमारी के बाद इस वर्ष 6 अप्रैल को उनका निधन हो गया। इंटर पास करने का उनका सपना अधूरा रह गया। जगरनाथ महतो के निधन के बाद डुमरी विधानसभा उपचुनाव के पहले ही उनकी पत्नी बेबी देवी को मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। राजभवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में बेबी देवी ठीक से शपथ पत्र नहीं पढ़ पाईं। जिसके बाद देर शाम विभागों का आवंटन हुआ, तो उन्हें सिर्फ उत्पाद और मद्य निषेध विभाग ही मिला। इससे पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि बेबी देवी को भी अपने पति की तरह उत्पाद और मद्य निषेध (शराब) के साथ शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी मिलेगी।
शपथ पत्र नहीं पढ़ पाईं तो सोशल मीडिया से वीडियो हटाया गया
मंत्री बेबी देवी के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर झारखंड सरकार की ओर से लाइव प्रसारण की व्यवस्था की गई। शपथ ग्रहण समारोह का लाइव प्रसारण भी हो गया। लेकिन जिस तरह से बेबी देवी को शपथ लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ा, उसे देखते हुए सूचना-जनसंपर्क विभाग के अधिकारी चिंतित हो उठे। आनन-फानन में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म से शपथ ग्रहण समारोह के वीडियो को हटा दिया गया।
बीजेपी ने कहा-शपथ की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई
बीजेपी के प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा का कहना है कि शपथ ग्रहण की संवैधानिक प्रक्रिया में शपथ पत्र को पढ़ना अनिवार्य है, ऐसे में सोमवार जो शपथ दिलाई गई, वह दर्शाता है कि शपथ की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार और राजभवन इस मामले को लेकर कानूनी विशेषज्ञों की सलाह लेकर उचित फैसला करे। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के मंत्री पद की शपथ लेने समय पद और गोपनीयता की शपथ लेना अनिवार्य है, लेकिन वैसा नहीं हुआ। बीजेपी के प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जेएमएम के कई अनुभवी विधायक हैं, लेकिन जिस तरह से घरेलू महिला को मंत्री बनाया गया, वह दर्शाता है कि हेमंत सोरेन में आत्मविश्वास की कमी है। उन्हें ऐसा लगता होगा कि बेबी देवी को बिना मंत्री बनाए डुमरी विधानसभा उपचुनाव में जीत नहीं हो सकती।
शपथ ग्रहण समारोह को लेकर नाराज हुए दो मंत्री
इस बीच शपथ ग्रहण समारोह को लेकर दो मंत्री नाराज भी हो गए। झारखंड सरकार के दो और मंत्रियों ने राजभवन पर निशाना साधा है। मंत्री मिथिलेश ठाकुर तो राजभवन पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए सोमवार को मंत्री बेबी देवी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए बगैर लौट गए। एक अन्य मंत्री हफीजुल हसन अंसारी ने राज्यपाल के गांवों के दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें अपनी गरिमा का ख्याल रखना चाहिए। बताया गया है कि मंत्री मिथिलेश ठाकुर सोमवार को राजभवन में मंत्री बेबी देवी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। उनकी गाड़ी में झामुमो के प्रवक्ता भी सवार थे। राजभवन की सिक्योरिटी ने मंत्री को छोड़ उनकी गाड़ी पर सवार बाकी लोगों को समारोह में जाने की इजाजत नहीं दी तो वे नाराज हो गए। उन्होंने अपनी गाड़ी लौटा ली और कहा कि राज्यपाल भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। उन्हें यहां से बेइज्जत होकर लौटना पड़ रहा है। इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी, क्योंकि जनता देख रही है कि चुने गए जनप्रतिनिधि को भी किस तरह अपमानित किया जा रहा है।
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