2अक्टूबर 2023 गाँधी जयंती के शुभ अवसर पर रचित कुछ स्वरचित शायरियां :- सौरभ तिवारी

                                          



2 अक्टूबर 2023 (गाँधी जयंती) के शुभ अवसर पर मंच संचालन Saurabh Kumar sir द्वारा रचित कुछ स्वरचित शायरिया

शायरी 1

 

सत्य और अहिंसा का नित्य पाठ पढ़ाते बापू|

विपरीत परिस्थितियों से कभी न घबराते बापू|

सबसे अधिक स्वाधीनता आन्दोलन चलाते थे बापू|

हैं हर जनमानस के मन में अमर सदा से बापू|

शायरी 2

है कोटिशत नमन हमरा गाँधी जी चरणों में|

वे बसे रहंगे सदा हम सबके स्मरणों में|

शायरी 3

राजघाट में उनकी समाधी में लगा संगरमर|

देखो बापू हो गए अब नोटों द्वारा अमर|

शायरी 4

तिन बन्दर थे बापू के बुरा मत देखो बुरा मत सुनो बुरा मत बोलो|

हे देश के नैनिहालो इनसे कुछ सीखो और अपनी आँखे खोलो|

शायरी 5

राष्ट्रपिता गाँधी ने अपनी जिंदगी राष्ट्र भक्ति में ही गुजारी थी|

जाने कैसे गोडसे ने बेचारे बापू को गोली मारी थी|

खुद हिन्दू होकर भी जिसे प्रार्थना का ध्यान न था|

संभवत मति ही मारी गई उसे वह ज्ञान न रखा|

शायरी 6

76 वर्ष जरुर है बीत चुके भारतियों कि आजादी के

हम ऋणी रहेंगे सदा राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को|

ऐसे ही नहीं अम्र कहलाते हम सबके प्रिय बापू महान,

वीरगति को प्राप्त कर जिन्होंने बढाया मातृभूमि का माना|

शायरी 7

भरत के धरती पर जन्मे एक महापुरुष गाँधी जी|

सत्य व् अहिंसा के बल पर जिन्होंने हमें दिलाई आजादी|

शायरी 8

हम सबका यह पुनित कर्तव्य बापू के आदर्शो पर चलना|

मोदी जी निरंतर बता रहे हैं उनकी मार्गो पर चलना|

भारत सरकार व्दारा चलाया गया अभियान स्वाच्छ्ता चली है महात्मा गाँधी जी को सच्ची श्रव्धांजलि

 





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