भू- आकृति विज्ञान की प्रकृति एवं विषय क्षेत्र
NATUNE AND SCOPE OF
GEOMORPHOLOGY
भू भू- आकृति
विज्ञान क्या है|
:- पृथ्वी के विभिन
उच्चावाचो का क्रम बध्द अध्ययन को भू-आकृति कहते है|
भू- आकृति विज्ञान
भौतिक भूगोल की प्रधानता शाखा है|
- आकृति (Geomorphology) –यह ग्रीक भाषा के तीन
शब्दों से मिलकर बना
है|
->Geo (भू+ marphi (आकृति)+ logos विज्ञान
भू- आकृति का जनक
किसे कहा जाता है|
->डेविस
आधुनिक भू आकृति का
जनक ->जेम्स हटन
Geomorphology में
क्या पढ़ा जाता है|
->महादिव्प,
महासागर, झरना पर्वत, झरना स्थल, पहाड, वर्फिले पहाड
पृथ्वी पर दो बल
लगते है?
-> वाह्य बल और
आंतरिक बल
आकार एवं विस्तार के
दृष्टि से समस्त उच्चावचो को
तीन भागो मे बांटा
गया है
(1)प्रथम श्रेणी के
उच्चावच
(Relict features of the frist order)
भू-तल के प्रमुख या आधारभूत
उच्चावचो को इस श्रेणी में रखा जाता है|
उदाहरण महादीप,महासागर
समस्त ग्लोब पर पर
71% जलमंडल समुद्र महासागर) तथा 29% भाग पर स्थलमंडल का विस्तार है|
(2)व्दितीये श्रेणी
के उच्चावच
Relief features
of the second crler
प्रथम श्रेणी के
उच्चावचो पर पृथ्वी के आंतरिक बालो दौवारा निर्मित उच्चावचो को इस श्रेणी में रखा
जाता है|
उदाहरण, पर्वत,
पठार, मैदान तथा झीलों को इस श्रेणी में रखा गया है|
(3)तृतीये श्रेणी के
उच्चावच
व्दितीये श्रेणी के
उच्चावचो पर विकसित स्थलरूपों को तृतीये श्रेणी के उच्चावच कहलाता है|
यह बाह्यबल से
निर्माण होता है|
और यह विनाशकारी
होता है| इसे विनाशात्मक स्थलरुप कहते है|
जैसे-> जल, पवन, हिमानी इत्यादि
तृतीये श्रेणी को
अपरदनकारी बल भी कहते है|
ये सभी से मिलकर
बनने वाली आकार और आकृति को स्थलरुप कहते है| जैसे-> बालुका स्तूप, ततवंध,
चोटिया, ढाल हिमोद, एस्कर, पुलिन
Geomorphology
(Nature and scope) भू- आकृति विज्ञान
(1)आकार के दृष्टि
से उच्चावचो को भागो में बांटा गया है|
:- 3
2 समस्त ग्लोब पर
कितना भाग जलमंडल है :- 71%
3 समस्त ग्लोब पर
कितना भाग स्थालमंडल है :- 29%
4. भू आकृतिक चक्र
का संकल्पना किसने कहा :- हटन
5 भू आकृति चक्र का
संकल्पना किसने दिया :- डेविस
पृथ्वी की आंतरिक
संरचना
Constitution of the
earth interior
प्रश्न 1 पृथ्वी की
आंतरिक संरचना कैसी है?
2 विवध गहराइयों का
तापमान,धनत्व,चट्टानों का स्वरूप रासायनिक संगठन आदि का स्वरूप कैसा है?
* पृथ्वी के आंतरिक
संरचना तथ्यों को निश्चित प्रमाण उपलब्ध नहीं है|
पृथ्वी के आंतरिक
वर्ग वर्ग अध्धयन केलिए 3 भागों बाट सकते हैं|
1 अप्राकृतिक स्रोत –
घनत्व,दबाव तापक्रम
2 पृथ्वी की उत्पति
से संबधित सिध्दान्तो के साक्ष्य|
3 प्राकृतिक स्रोत –
ज्वालामुखी उदगार, भूकंप विज्ञान आणविक तत्व तथा पृथ्वी तथा पृथ्वी की भूतापीय
स्थित |
अप्राकृतिक
स्रोत(Artifical sources)
घनत्व(density)
*पृथ्वी का कुल
घनत्व – 5.5 g/cm2 आँका गया है|
पृथ्वी की उपरी परत
में परतदार चट्टानें फैली हुआ है| इसका घनत्व 2.7 है|
*परतदार चट्टानें के
निचे आग्नेय चट्टाने पे जाते हैं|
तापमान(Comleted)
2 पृथ्वी की उत्पति
से संबधित सिध्दतों के साक्ष्य (Evidence from the theories of the origin of the
earth)
विध्दानो ने पृथ्वी
को ठोस द्रव गैस तीनो माना है|
पृथ्वी की उत्पति के
संकल्पना
कांट :- राशी की परिकल्पना
लाप्लास :- निहारिका
परिकल्पना में पृथ्वी उत्पति गैसीय निहारिका से मानी गई है|
ग्रहाणु परिकल्पना
:- पृथ्वी का निर्माण से प्रकार के ठोस कणों से एकत्रित होने से हुआ है|
3 प्राकृतिक साधन
(Natural Source)
ज्वालामुखी उदगार(Valcamic
Eruption) :- पृथ्वी के आंतरिक पड़ने वाले दबाव अत्यधिक दबाव के करण उचे तापक्रम पर
भी शैले पिघलती नहीं है| लेकिन जब कभी भी भू पृष्ठ पर असंतुलन या दरार पद जाती है,
टो आंतरिक शैलो पर उपरी परतो का दबाव घट जाता है| और वे पिघलकर लावा के रूप में
बाहर आ जाती है| लावा पृथ्वी के कितने अन्दर पाए जाते हैं| - 50km
भूकंप विज्ञान के
साक्ष्य(Evidence of sesmology) :- भूकंप विज्ञान के अध्ययन करने वाले विज्ञान की
शाखा को भूकंप विज्ञान कहते हैं|
तरंग से आंतरिक
संरचना के बारे’ जानकारी मिलता है|
तरंग किसे कहते
हैं|( अर्थ) - लहर
तरंग के प्रकार – 3
प्रकार के होते हैं|
1 प्राथमिक तरंग(लहर)
2 व्दितीय तरंग 3 तृतीय तरंग
1 primary wave 2
secondory wave 3 long wave
भूकंप मूल या
केंद्र(focus) :- भू-गर्भ में जिस स्थान से भूकम्पी तरंगो का उदगार होता है वह
भूकंप केंद्र केंद्र कहलाता है|
अधिकेंद्र(Epicentre)
:- भूकंप मूल के ठीक भूपटल पर को केंद्र होता है| उसे अधिकेन्द कहते हैं|
भूकंप से होने वाले
लगर कितने प्रकार के होते हैं|
भूकंप से 3 प्रकार
के लहरे उत्पन्न होते हैं|
1 प्राथमिक (primary
wave longi tramsverse waves)
2 व्दितीय
तरंग(Secondary or transverse)
3 धरातलीय तरंग
(Surface or long preiod)
1 प्राथमिक तरंग :-
इसका गति 6.7 km/s होती है| इसके कणों की गति तरंग की रेखा सीध में होती है| ठोस
पदार्थ में शीध्रता से अधिक गहराई पर पहुच जाती है| द्रव में जाने पर गति घटने
लगता है| इसे p लहरे, लघु तरंग, pg एवं p भी कहलाते हैं|
2 व्दितीय
तरंग(Secondary or transverse) :- इसे आड़ी लहर, 5 तरंग, 5g एवं 5 भी
कहलाते हैं| कणों की गति समकोण पर होती है| यह भू सतह पर सबसे अधिक हनी पहुचने
वाली मानी जाती है| इसकी गति 4 से 4.5 km/s होती है| यह अधिक गहराई तक प्रवेश करता
है|
स्वेस ने पृथ्वी के
आंतरिक भाग को कितने परत में बाटा है?
स्वेस के अनुसार
पृथ्वी के आंतरिक भाग को परत में बाटा गया है| :-3
1 सियाल(Siyal):- परतदार चटाने के ठीक निचे सियाल परत
फैली है| इसमे सिलका एवं एलुमिनियम तत्व अधिक पे जाते हैं| इसलिए इसका नाम
Si(सिलिका Silca) तथा Al एलुमिनियम को मिलाकर सियाल रखा गया है| इसका घनत्व – 2.4
से 2.9 के मध्य रहता है| इस परत मोटाई 50 से 300 km माना गया है| सियाल में ही
महाव्दिप की रचना है|
2 सीमा(Sima)
सियाल से ठीक निचे
सीमा परत का विस्तार है यहाँ पर सिलिका si मैगनीशियम Mg अधिक पाया जाता है| इस परत
में क्षारीय पदार्थ पाया जाता है| सीमा का घनत्व 2.9 से 4.7 के मध्य रहता है| इस
परत की औसत कही-कही 5.5 तक भी रहत है| औसत 1000-2000 km तक है| इसमें प्रमुख चट्टान
बेसाल्ट आग्नेय चट्टान पाये जाते हैं|
वतुनिष्ठ
1 पृथ्वी की आंतरिक संचरना के बारे में जानने का एक प्राकृतिक साधन
है|
निफे(Nife)
सीमा के निचले तल से लेकर या भुक्रोड़ (Core) भी कहते हैं| इसमे Ni(निकेल)एवं लौह(फेरियम) पाया जाता है| निफे का घनत्व
11 तक है इसकी गहराई 2900 km से भुकेंद्र तक है|
निष्कर्ष :- स्वेस का वर्गीकरण मान्य है
लेकिन परतों की संख्या,मोटाई संरचना आदि के में मतभेद है|
लघु उतरात्मक
पृथ्वी की आंतरिक संरचना के बारे में जानने
के अप्राकृतिक साधन कौन-कौन से हैं? उत्तर :- घनत्व,दबाव तापक्रम
12. भूकंपीय तरंग के नाम लिखे?
उत्तर:- प्राथमिक तरंग,व्दितीय तरंग,धरातलीय
तरंग
13. निफे क्या है?
उत्तर:- पृथ्वी के आंतरिक संरचना को 3 भागो
में बट्टा गया है| सीमा परत के निचे पाया जाता है इसमे निकेल और फेरस पाया जाता
है|
14. छाया क्षेत्र क्या है?
उत्तर:- जिस स्थान पर किसी तरंग का प्रभाव
नहीं पड़ता है उसे छाया क्षेत्र कहते हैं|
15. होम्स के मतानुसार पृथ्वी की आंतरिक
संरचना कैसी है?
आंतरिक संरचना को दो भागो में बट्टा गया है|
i तापीय 21 km तक
भूकंपीय लहरों व्दारा 15km से अधिक
16. स्वेस की अनुसार पृथ्वी की आंतरिक संरचना
कैसी है?
स्वेस के अनुसार पृथ्वी को 3 भागो में बट्टा
गया है| 1 सियाल 2 सीमा 3 निफे |
B.A Sem 1 Chapter 3
वेगनर का महाव्दिपीय प्रवाह सिध्दांत
Contimetal Drift theory of wagner
वेगनर जलावयु विज्ञानवेता था|
महाव्दिपीय क्या है?
उत्तर:- पृथ्वी पर सबसे बड़े भूखंड को महाव्दिप
कहते हैं| पृथ्वी का भूखंड:- 29% जलमंडल – 71%
वेगनर के अनुसार पृथ्वी के वर्गीकरण
मध्य मेसोजोइक कल्प के प्रारम्भ तक सभी
महाव्दिप एक विशाल्खंड के रूप एकत्रित थे| इस स्थलखंड का नाम पेंजिया महाव्दिप
रखा|
महासागर को पेंथालसा बताया|
आर्थर होम्स ने पेंथालासा को प्रशांत महासागर कहा|
वेगनर के अनुसार:-महाव्दिप के उपरी भाग को उतरी अमेरिका को ग्रीन लैंड
है|उसे लोरेशिया कहलाया|
मध्य एशिया,यूरिया एवं आइलैंड को आन्गारालैंड कहा गया|
दक्षिण एशिया सपूर्ण अफ्रिका,दक्षिण अमेरिका आस्ट्रेलिया अन्टार्कटिका
गोंडवाना कहा गया
महाव्दिप दो दिशा में बहे थे|
i यूरेशिया ii अफ्रिका
उत्तर दिशा में दोनों अमेरिका
उत्तर की ओर बहने से भारत का विकास हुआ|
पृथ्वी पर अधिकतर खंड(ट्रायसिक,जुरासिक एवं क्रितेशियस) तक गतिशील रहा
है|
क्रितेशियास युग में पृथ्वी एक स्थलखंड विलग होने से चंद्रमा की
उत्पति हुआ तथा उसके स्थान पर प्रशांत महासागर बना|
जिग-सौ-फिट क्या है?
CHAPTER 3 परीक्षापयोगी प्रश्न
8. पेंजिया का वर्णन कीजिये|
उत्तर:- पृथ्वी का धरातल(भूखंड)मेसोजोइक कल्प तक एक विशालाखंड के रूप
में एकत्रित ये इस भूखंड को ही पेंजिया कहा जाता है|
9. महाव्दिपीय विस्थापन क्या है?
उत्तर:- मेसोजोइक कल्प के प्रारम्भ तक पेंजिया महाव्दिप संगठित बना
रहा| इसके बाद कई शक्तियों होने के प्रभाव से वह विखंडित हुआ वह महाव्दिपीय
विश्थापन कहलाता है|
10. पेंथालासा क्या है?
उत्तर:- पेंजिया के चरों ओर फैला जलमंडल जो महासागर विस्तृत है उसे
पेंथालसा कहते हैं|
11. गोंडवाना का वर्णन कीजिए|
उत्तर:- दक्षिण एशिया,संपूर्ण अफ्रिका,दक्षिणी
अमेरिका,आस्ट्रेलिया,एवं अन्टार्कटिका के सभी स्थलखंडों का सम्मिलित को गोंडवाना
नाम दिया|
अगारालैंड क्या है?
उत्तर:- मध्य एशिया यूरोप एवं आइसलैंड को आगारालैंड कहा गया|
टेथिस क्या है?
उत्तर:- पेंजिया के मध्य टेथिस सागर भुसन्नित थी|
लोरेंशिया का वर्णन कीजिये|
उत्तर:- वेगनर के अनुसार महाव्दिप का उतरी भाग जो की आज उतरी अमेरिका
का प्राचीन स्थलखंड व ग्रीनलैंड है| लोरेशिया कहलाया|
जिग-सॉ-फिट व्यवस्था से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:- जट्टो के परस्पर समायोजन की इस स्थिति को जिग-सा-फिट(Jig-saw-fi)
नाम दिया गया|
प्लेट क्या है?
उत्तर:- दृढ भूखंडों
सिंध्दांत का विकास
प्लेट विवर्तनिकी शब्द अंग्रेजी plate और Trctonics से बना है|
प्लेट शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया|
टूजो विल्सन 1965में
प्लेट विवर्तवनिकी के सिध्दांत किसने किसने दिया|
उत्तर:- 1965 टूजो विल्सन, मेंकेन्जी एवं पार्कर (1967)
खंडजा प्रस्तर सिध्दांत(paving store theory) ली पिचोंन इत्यादी|
स्थलखंड
इसकी औसत गहराई 100km
इसमे-सिलिका,एलुमिनियम,मैगनीशियम
इसका धनत्व 3.4 तक है|
स्थालमंडल की मोटाई 250km
प्लेटों की विशेषताए
विभिन्न प्लेटों भिन्न-भिन्न दिशाओ में भिन्न गति से चलती है| जब प्लेटे
प्रवाहित होती है| उनके साथ ही महाव्दिप तथा महासागरीय तली भी विस्थापित हो जाती
है| ली पिचों के अनुसार प्लेटे की चल प्रति वर्ष 1km से 10km तक होता है|
प्लेटों के किनारें
भू प्लेटों के किनारे से भूखंड ज्वालामुखी घटनाए घटती है|
प्लेट के किनारे तीन प्रकार के होते हैं|
1 अपसारी किनारा 2 अभिसारी किनारा 3 रूपांतरण भ्रंश
1 अपसारी किनारा/रचनात्मक किनारा(divergent or Constructive margin)
:- जब दो प्लेट विपरीत दिशा में अपसारित होता है| उसे अपसारी किनारा कहते हैं|
2 अभिसारी अथवा विनाशात्मक(Concergent or Destructive Margin) :- जब दो
प्लेट एक दुसरे की ओर बढ़ते हैं| और टकराकर उनमे से भारी पलेट हल्की प्लेट के निचे
चला जाता है| उसे अभिसारी किनारा कहलाता है| उदहारण :- हवाई और आयरलैंड
अभिसारी किनारा के टकराने से ज्वालामुखी पर्वत बन जाते हैं| उदहारण-
रौकिंज और एंडीज पर्वत
हिमालय वलित पर्वतों
प्लेट की संख्या कितने है|
डीटज और होल्डन ने प्लेटों की संख्या 10
डव्ल्यु जी मोर्गन के अनुसार-20
ली पिचों के अनुसार प्लेट 6 हैं|
1 प्रशांत प्लेट(Pacific plate)
2 अमेरिकी प्लेट(American plate)
3 यूरेशियायी प्लेट(Eurasian plate)
4 अफ्रिका प्लेट(African plate)
5 हिन्द आस्ट्रेलियायी प्लेट(Indo-Australian plate)
6 दक्षिण धुवीय या अंटार्टिका प्लेट(Antarctica)
महासागर को पेंथालसा बताया|
आर्थर होम्स ने पेंथालासा को प्रशांत महासागर कहा|
वेगनर के अनुसार:-महाव्दिप के उपरी भाग को उतरी अमेरिका को ग्रीन लैंड
है|उसे लोरेशिया कहलाया|
मध्य एशिया,यूरिया एवं आइलैंड को आन्गारालैंड कहा गया|
दक्षिण एशिया सपूर्ण अफ्रिका,दक्षिण अमेरिका आस्ट्रेलिया अन्टार्कटिका
गोंडवाना कहा गया
महाव्दिप दो दिशा में बहे थे|
i यूरेशिया ii अफ्रिका
उत्तर दिशा में दोनों अमेरिका
उत्तर की ओर बहने से भारत का विकास हुआ|
पृथ्वी पर अधिकतर खंड(ट्रायसिक,जुरासिक एवं क्रितेशियस) तक गतिशील रहा
है|
क्रितेशियास युग में पृथ्वी एक स्थलखंड विलग होने से चंद्रमा की
उत्पति हुआ तथा उसके स्थान पर प्रशांत महासागर बना|
जिग-सौ-फिट क्या है?
CHAPTER 3 परीक्षापयोगी प्रश्न
8. पेंजिया का वर्णन कीजिये|
उत्तर:- पृथ्वी का धरातल(भूखंड)मेसोजोइक कल्प तक एक विशालाखंड के रूप
में एकत्रित ये इस भूखंड को ही पेंजिया कहा जाता है|
9. महाव्दिपीय विस्थापन क्या है?
उत्तर:- मेसोजोइक कल्प के प्रारम्भ तक पेंजिया महाव्दिप संगठित बना
रहा| इसके बाद कई शक्तियों होने के प्रभाव से वह विखंडित हुआ वह महाव्दिपीय
विश्थापन कहलाता है|
10. पेंथालासा क्या है?
उत्तर:- पेंजिया के चरों ओर फैला जलमंडल जो महासागर विस्तृत है उसे
पेंथालसा कहते हैं|
11. गोंडवाना का वर्णन कीजिए|
उत्तर:- दक्षिण एशिया,संपूर्ण अफ्रिका,दक्षिणी
अमेरिका,आस्ट्रेलिया,एवं अन्टार्कटिका के सभी स्थलखंडों का सम्मिलित को गोंडवाना
नाम दिया|
अगारालैंड क्या है?
उत्तर:- मध्य एशिया यूरोप एवं आइसलैंड को आगारालैंड कहा गया|
टेथिस क्या है?
उत्तर:- पेंजिया के मध्य टेथिस सागर भुसन्नित थी|
लोरेंशिया का वर्णन कीजिये|
उत्तर:- वेगनर के अनुसार महाव्दिप का उतरी भाग जो की आज उतरी अमेरिका
का प्राचीन स्थलखंड व ग्रीनलैंड है| लोरेशिया कहलाया|
जिग-सॉ-फिट व्यवस्था से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:- जट्टो के परस्पर समायोजन की इस स्थिति को जिग-सा-फिट(Jig-saw-fi)
नाम दिया गया|
प्लेट क्या है?
उत्तर:- दृढ भूखंडों
सिंध्दांत का विकास
प्लेट विवर्तनिकी शब्द अंग्रेजी plate और Trctonics से बना है|
प्लेट शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने किया|
टूजो विल्सन 1965में
प्लेट विवर्तवनिकी के सिध्दांत किसने किसने दिया|
उत्तर:- 1965 टूजो विल्सन, मेंकेन्जी एवं पार्कर (1967)
खंडजा प्रस्तर सिध्दांत(paving store theory) ली पिचोंन इत्यादी|
स्थलखंड
इसकी औसत गहराई 100km
इसमे-सिलिका,एलुमिनियम,मैगनीशियम
इसका धनत्व 3.4 तक है|
स्थालमंडल की मोटाई 250km
प्लेटों की विशेषताए
विभिन्न प्लेटों भिन्न-भिन्न दिशाओ में भिन्न गति से चलती है| जब
प्लेटे प्रवाहित होती है| उनके साथ ही महाव्दिप तथा महासागरीय तली भी विस्थापित हो
जाती है| ली पिचों के अनुसार प्लेटे की चल प्रति वर्ष 1km से 10km तक होता है|
प्लेटों के किनारें
भू प्लेटों के किनारे से भूखंड ज्वालामुखी घटनाए घटती है|
प्लेट के किनारे तीन प्रकार के होते हैं|
1 अपसारी किनारा 2 अभिसारी किनारा 3 रूपांतरण भ्रंश
1 अपसारी किनारा/रचनात्मक किनारा(divergent or Constructive margin)
:- जब दो प्लेट विपरीत दिशा में अपसारित होता है| उसे अपसारी किनारा कहते हैं|
2 अभिसारी अथवा विनाशात्मक(Concergent or Destructive Margin) :- जब
दो प्लेट एक दुसरे की ओर बढ़ते हैं| और टकराकर उनमे से भारी पलेट हल्की प्लेट के
निचे चला जाता है| उसे अभिसारी किनारा कहलाता है| उदहारण :- हवाई और आयरलैंड
अभिसारी किनारा के टकराने से ज्वालामुखी पर्वत बन जाते हैं| उदहारण-
रौकिंज और एंडीज पर्वत
हिमालय वलित पर्वतों
प्लेट की संख्या कितने है|
डीटज और होल्डन ने प्लेटों की संख्या 10
डव्ल्यु जी मोर्गन के अनुसार-20
ली पिचों के अनुसार प्लेट 6 हैं|
1 प्रशांत प्लेट(Pacific plate)
2 अमेरिकी प्लेट(American plate)
3 यूरेशियायी प्लेट(Eurasian plate)
4 अफ्रिका प्लेट(African plate)
5 हिन्द आस्ट्रेलियायी प्लेट(Indo-Australian plate)
6 दक्षिण धुवीय या अंटार्टिका प्लेट(Antarctica)
प्लेट विवर्तनिकी के प्रमाण
पुराचुम्बकत्व
पृथ्वी एक विशाल छड चुम्बक की भांति व्यवहार करता है| यह पृथ्वी की
आंतरिक भाग से उत्पन्न होता है| भूछड चुम्बक के दोनों ध्रुव पृथ्वी के भौगोलिक
ध्रुव एवं परिभ्रमण कक्ष से विशेष रूप से सामजस्य रखते हुए|
परिक्षापयोगी प्रश्न
प्लेट से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:- प्लेट का अर्थ
9 प्लेट से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:- प्लेट का अर्थ दृढ भूखंड/प्लेट क्रस्ट एवं उपरी मेटल का उपरी
परत से निर्मित 5 kilometer से 200 km तक इसकी मोटाई है| इसे भूखंड का प्लेट
कहलाता है| प्लेट विवर्तनिकी से संबधित प्रमुख विध्दान को नाग टूजो विल्सन, मेकेजी
पार्कर, मार्गन, ली पिचोंन
10. अपसारी किनारा क्या होता है|
उत्तर:- जब दो प्लेट विपरीत दिशा में अपसरित होती है,उसे अपसारी
किनारा कहते हैं|
11. अभिसारी किनारा क्या होता है?
उत्तर:- अभिसारी किनारा को विनाशात्मक किनारा भी बढ़ते हैं, उसे
अभिसारी किनारा कहते हैं|
12. प्लेट किनारों के प्रकार बताओ|
प्लेट के किनारा 3 प्रकार के होते हैं|
i अपसारी किनारा ii अभिसार किनारा iii रूपांतरण भ्रंश या संरक्षी
किनारा
13 भू पृष्ट के प्रमुख प्लेट के नाम से जाने जाते हैं|
i प्रशांत प्लेट(Pacific Plate)
ii अमेरिकी प्लेट(American plate)
iii यूरेशियायी प्लेट(Eurasian palate)
iv अफ्रिकी प्लेट(African plate)
v हिन्द आस्ट्रेलियायी प्लेट(Indo Australion)
vi अंटार्टिका प्लेट(Antartic plate)
14. पुराचुम्बक्त्व क्या होता है?
उत्तर:- पृथ्वी एक विशाल छड चुम्बक की भांति व्यवहार करती है| यह
चुम्बकत्व पृथ्वी के आंतरिक के आंतरिक भाग से उत्पन्न होता है| भू छड चुम्बक के
दोनों ध्रुव पृथ्वी के भौगोलिक ध्रुव एवं परिभ्रमण कक्ष से विशेष रूप से सामंजस्य
रखते हुए उनसे प्राय: सीध में रखते हैं|
एस्थौनोमंडल से क्या अभिप्राय: है?
उत्तर:- प्लेट विवर्तनिकी संकल्पना में सथलमंडल शब्द का प्रयोग पृथ्वी
के वाह्य भाग या भू पटल तथा उपरी मैन्टिल व्दारा निर्मित भाग के लिए किया जाता है|
अध्याय 5 भू-संतुलन की
संकल्पना(Concepte of isostasy)
भू-संतुलन का अर्थ व परिभाषा :- आइसोस्टेंसी(Isostasy) शब्द ग्रीक भाष के
आइसो(Iso)और स्टेसिओ(Stasio) से मिलकर बना है|
आइसोस्टेंसी का अर्थ :- समस्थिति या समान स्थित होना|
आइसोस्टेंसी शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग किसने-किसने किया?:- अमेरिकी भू-गर्भबिद
डी.ए डटन 1889
भारत में भूसंतुलन सिध्दांत सर्वप्रथम किसने दिया :- प्राट
परिभाषा :- आर्थर भू संतुलन वह स्थिति है, जिसके व्दारा धरातल पर
स्थित पर्वत,पठार,मैदान आदि सभी वृहद् पैमाने पर भूतल के ठीक निचे
प्राय: संतुलन स्थिति में पाए जाते हैं|
भू-संतुलन का परिभाषा
भ्रमणशील पृथ्वी के ऊपर उभरे हुई उच्ची भू-भागों तथा सागर तली के गहरे
क्षेर्त्रो में मध्य जो यांत्रिक स्थिरता की दशा पायी जाती है, इसे भू-संतुलन कहते
हैं|
भारत में 1889 में सर जार्ज एवरेस्ट के निर्देशन में गंगा मैदानों में
स्टेशन चुने कल्याण एवं कल्याणपुर
कल्याण हिमालय पर्वत से मात्र 96km दूर था| और कल्याणपुर पठारी भाग
में स्थित था|
भू संतुलन सिध्दांत प्रतिपादन
1प्राट की संकल्पना
प्राट के अनुसार उच्चाई एवं घनत्व में उल्टा अनुपात होता है|
उचा स्तम्भ कम घनत्व
निचा स्तम्भ अधिक घनत्व
Bigger the column lesser the
density Ismaller the column greater the density
2 एयारिकी संकल्पना
क्षतिपूर्ति तल
भू पृष्ट पर जितना ऊचा है| वह उतना ही अधिक गहराई तक भू-गर्भ में
स्थानीय रूप में सीमा में डूबा हुआ है|
3 हे फ़र्द एवं बावी की संकल्पना
कम घनत्व वाले टुकडे अधिक उचे या उभर रहे एवं अधिक घनत्व वाले टुकडे
निचे रहे| इस प्रकार भू ताल पर भी उचाई एवं घनत्व में अनुपात पाया जाता है|
4 जौली की संकल्पना
इन्होने 1925 में तैरान के सिध्दांत
Law of floatation सिध्दांत दिया| आकस्मिक
विश्व भर में प्रतिदिन लग भाग 50 भूकम्प आते हैं?
अमेरिका के कोलोरेडो के डेनवर से पृथ्वी के किसी भी भाग में भूकम्प आने
वाली जानकारी मिलती है यह केंद्र 1973 से लगातार काम कर रहा है|
भूकंप के परिभाषा विध्दानो के व्दारा होम्स के अनुसार – भूगर्भिक शैलों के
विक्षोभ के स्रोत से उठने वाले लहरदार कम्पन को भूकंप कहते हैं|
भूकंप के कारण
1 प्लेट विवर्तनिकी:- भारत में लाटूर व उस्मानवाद तथा भुज में आए भूकंप
विवर्तनिकी घटनाओं का परिणाम है|
(2) ज्वालामुखी क्रिया
एटना, क्राकाटोवा, विसुवियास
(3) भूसंतुलन की अव्यवस्था – जायान
(4) अन्य कारण भूस्खलन, हिमधाव, विस्फोट खनन
भूकंप के प्रकार:- दो
A. मानव क्रियाओ से उत्पन्न भूकम्प:- इसे कृत्रिम भूकंप भी कहते हैं| यह बहुत
कम समय के लिए कम्पन होता है| जय से भूमिगत,आणविक परिक्षण तथा बम विस्फोट से भी
भूकंप जैसे आभास होता है|
B. प्राकृतिक कारणों से उत्पन्न भूकम्प:- सामान्य प्राकृतिक कारणों से आने
वाली भूकम्प को ही भूकम्प कहते हैं|
जैसे ज्वालामुखी, पातालीय भूकम्प, भू संतुलन से
गुटेनबर्ग ने गहराई के अनुसार भूकम्पों को तिन भागों में भागों में बट्टा
है|
i उथले:- (shallow Earthquake)
जिन भूकम्पों की उत्पति आधार 30 km तक गहराई में रहता है| परिधि में ही
सबसे अधिक नुकसान होता है|
ii मध्यम गहराई
भू-आकृति विज्ञान की प्रकृति एवं विषय क्षेत्र
NATUNE AND SCOPE OF
GEOMORPHOLOGY
भू भू- आकृति
विज्ञान क्या है|
:- पृथ्वी के विभिन
उच्चावाचो का क्रम बध्द अध्ययन को भू-आकृति कहते है|
भू- आकृति विज्ञान
भौतिक भूगोल की प्रधानता शाखा है|
:- आकृति (Geomorphology) –यह ग्रीक भाषा के तीन
शब्दों से मिलकर बना
है|
Geo (भू+ marphi (आकृति)+ logos विज्ञान
भू- आकृति का जनक
किसे कहा जाता है|
:- डेविस
आधुनिक भू आकृति का
जनक ->जेम्स हटन
Geomorphology में
क्या पढ़ा जाता है|
:- महादिव्प,
महासागर, झरना पर्वत, झरना स्थल, पहाड, वर्फिले पहाड
पृथ्वी पर दो बल
लगते है?
:- वाह्य बल और
आंतरिक बल
आकार एवं विस्तार के
दृष्टि से समस्त उच्चावचो को
तीन भागो मे बांटा
गया है?
(1) प्रथम श्रेणी के
उच्चावच
(Relict features of the frist order)
भू-तल के प्रमुख या आधारभूत
उच्चावचो को इस श्रेणी में रखा जाता है|
उदाहरण महादीप,महासागर
समस्त ग्लोब पर पर
71% जलमंडल समुद्र महासागर) तथा 29% भाग पर स्थलमंडल का विस्तार है|
(2) व्दितीये श्रेणी
के उच्चावच
Relief features
of the second crler
प्रथम श्रेणी के
उच्चावचो पर पृथ्वी के आंतरिक बालो दौवारा निर्मित उच्चावचो को इस श्रेणी में रखा
जाता है|
उदाहरण, पर्वत,
पठार, मैदान तथा झीलों को इस श्रेणी में रखा गया है|
(3)तृतीये श्रेणी के
उच्चावच
व्दितीये श्रेणी के
उच्चावचो पर विकसित स्थलरूपों को तृतीये श्रेणी के उच्चावच कहलाता है|
यह बाह्यबल से
निर्माण होता है|
और यह विनाशकारी
होता है| इसे विनाशात्मक स्थलरुप कहते है|
जैसे-> जल, पवन, हिमानी इत्यादि
तृतीये श्रेणी को
अपरदनकारी बल भी कहते है|
ये सभी से मिलकर
बनने वाली आकार और आकृति को स्थलरुप कहते है| जैसे-> बालुका स्तूप, ततवंध,
चोटिया, ढाल हिमोद, एस्कर, पुलिन
Geomorphology
(Nature and scope) भू- आकृति विज्ञान
(1)आकार के दृष्टि से उच्चावचो को भागो में बांटा गया है| :-3
2 समस्त ग्लोब पर
कितना भाग जलमंडल है :- 71%
3 समस्त ग्लोब पर
कितना भाग स्थालमंडल है :- 29%
4. भू आकृतिक चक्र
का संकल्पना किसने कहा :- हटन
5 भू आकृति चक्र का
संकल्पना किसने दिया :- डेविस
पृथ्वी की आंतरिक
संरचना
Constitution of the
earth interior
प्रश्न 1 पृथ्वी की
आंतरिक संरचना कैसी है?
2 विवध गहराइयों का
तापमान,धनत्व,चट्टानों का स्वरूप रासायनिक संगठन आदि का स्वरूप कैसा है?
पृथ्वी के आंतरिक
संरचना तथ्यों को निश्चित प्रमाण उपलब्ध नहीं है|
पृथ्वी के आंतरिक
वर्ग वर्ग अध्धयन केलिए 3 भागों बाट सकते हैं|
1 अप्राकृतिक स्रोत :- घनत्व,दबाव तापक्रम
2 पृथ्वी की उत्पति
से संबधित सिध्दान्तो के साक्ष्य|
3 प्राकृतिक स्रोत –
ज्वालामुखी उदगार, भूकंप विज्ञान आणविक तत्व तथा पृथ्वी तथा पृथ्वी की भूतापीय
स्थित |
अप्राकृतिक
स्रोत(Artifical sources)
घनत्व(density)
पृथ्वी का कुल
घनत्व – 5.5 g/cm2 आँका गया है|
पृथ्वी की उपरी परत
में परतदार चट्टानें फैली हुआ है| इसका घनत्व 2.7 है|
परतदार चट्टानें के
निचे आग्नेय चट्टाने पे जाते हैं|
तापमान(Comleted)
2 पृथ्वी की उत्पति
से संबधित सिध्दतों के साक्ष्य (Evidence from the theories of the origin of the
earth)
विध्दानो ने पृथ्वी
को ठोस द्रव गैस तीनो माना है|
पृथ्वी की उत्पति के संकल्पना
भूकंप का अर्थ :- पृथ्वी के किसी भाग का कंपायमान होना
विश्व भर में प्रतिदिन लग भाग 50 भूकम्प आते
हैं
अमेरिका के कोलोरेडो के डेनवर से पृथ्वी के
किसी भी भाग में भूकम्प आने वाली जानकारी मिलती है यह केंद्र 1973 से लगातार काम
कर रहा है|
भूकंप के परिभाषा विध्दानो के व्दरा होम्स के
अनुसार – भूगर्भिक शैलों के विक्षोभ के स्रोत से उठने वाले लहरदार कम्पन को भूकंप
कहते हैं|
भूकंप के कारण
(1) प्लेट विवर्तनिकी
:- भारत में लाटूर व उस्मानवाद तथा भुज
में आए भूकंप विवर्तनिकी घटनाओं का परिणाम है|
(2) ज्वालामुखी क्रिया
एटना, क्राकाटोवा, विसुवियास
(3) भूसंतुलन की अव्यवस्था – जायान
(4)अन्य कारण भूस्खलन, हिमधाव, विस्फोट खनन
भूकम्प के प्रकार – दो
A. मानव क्रियाओं से उत्पन्न भूकम्प इसे कृत्रीम भूकम्प भी कहते है|
यह बहुत कम समय के लिए कंपन होता है|
जैसे :- भूमिगत, आणविक परिक्षण तथा बम विस्फोट से भी भूकंप जैसे आभास
होता है|
(b) प्राकृतिक कारणों
से उत्पन्न भूकम्प
सामान्य :- प्राकृतिक कारणों से आने वाली भूकम्प
को ही भूकंप कहते हैं|
जैसे :- ज्वालामुखी, पातालीय भूकंप, भुसंतुलन
से
भू-संतुलन की संकल्पना Concepte of isostasy
भू संतुलन का अर्थ व परिभाषा
उत्तर :- आइसोस्टेंसी Isostasy शब्द ग्रीक भाषा के आइसो Iso और
स्टेसीओ Stasio से मिलकर बना है|
आइसोस्टेंसी का अर्थ :- समस्थिति या सामान स्थित होना|
आइसोस्टेंसी शब्द कका सर्प्रथम प्रयोग किसने-किसने किया? :- अमेरिकी
भू गर्भ बिद डी.ए.डटन 1889
भारत में भू संतुलन सिध्दांत सर्वप्रथम किसने किया: प्राट
परिभाषा :- आर्थर संतुलन वह स्थिति है, जिसके व्दारा धरातल पर स्थित
पर्वत , पठार, मैदान आदि सभी वृहद् पैमाने पर भूतल के थ निचे प्राय: संतुलित
स्थिति में पे जाते हैं|
भूसंतुलन का परिभाषा
उत्तर :- भ्रमणशील पृथ्वी के उभरे हुई उची भू- भागों तथा सागर तली के
गहरे क्षेत्रों में मध्य जो यांत्रिक स्थिरता की दशा पायी जाती है, उसे भू-संतुलन
कहते हैं|
भारत में 1859 में सर जॉर्ज एवरेस्ट के निर्देशन में गंगा मैदान में
स्टेशन चुने कल्याण एवं कल्यानपुर
कल्याण हिमालय पर्वत से मात्र 96km था| और कल्याणपुर पठारी भाग में
स्थित था|
भू संतुलन से सिध्दांत प्रतिपदन
1 प्राट की संकल्पना
प्राट के अनुसार उचाई एवं घनत्व में उल्टा अनुपात होता है|
उचा स्तम्भ कम घनत्व
निचा स्तम्भ अधिक घनत्व
एयरी की संकल्पना
क्षति पूर्ति ताल
भू पृष्ट पर जितना उचा है| उह उतनी ही अधिक गहराई तक भू-गर्भ में
स्थानीय रूप से सीमा में डूबा हुआ है|
हेफोर्ड एवं रावी की संकल्पना
उत्तर:- कम घनत्व वाले तुकडे अधिक उचे या उभर रहे एवं अधिक घनत्व वाले
तुकडे निचे रहे हैं| इस प्रकार भूतल पर भी उचाई एवं घनत्व में अनुपात पाया जाता
है|
जौली की संकल्पना
उत्तर:- इन्होंने 1925 में तैराव के सिध्दांत Law of floation
सिध्दांत दिया|
आकस्मिक अंतर्जात बल:- ज्वालामुखी क्रिया 34
भूकंप का अर्थ :- पृथ्वी के किसी भाग का कंपायमान होना|
विश्व भर में प्रतिदिन के डेनवर 50 भूकंप आते हैं|
अमेरिका के कोलोरेडो के अनुसार से पृथ्वी के किसी भी भाग में भूकंप
आने वाली जानकारी मिलाती है| यह केंद्र 1973 से लगातार कम कर रहा है|
भूकंप के परिभाषा विध्दानों के व्दारा
होम्स के अनुसार :- भूगर्भिक शोलों के विक्षोभ के स्रोत से उठने वाले लहरदार
कंपन को भूकंप कहते हैं|
भूकंप के कारण
1 प्लेट विवर्तनिकी
उत्तर:- भारत में लाटूर व उस्मान्वाद तथा भुज में आये भूकंप
विवर्तनिकी घटनाओ का परिणाम है|
2 ज्वालामुखी क्रिया
उत्तर:- एटना,क्राकाटोवा,विसुवियास
3 भू संतुलन ली अव्यवस्था :- जापान
4 अन्य कर्ण भूस्खलन ,हिम धाव ,विस्फोट खनन
भूकंप के प्रकार :- 2 दो
a मानव क्रियाओ से उत्पन्न भूकंप इसे कृत्रिम भूकंप भी कहते हैं| यह
बहुत कम समय के लिए कंपन होता है|
जैसे:- भूमिगत,आणविक परिक्षण तथा बम विस्फोट से भी भूकंप जैसे अभ्यास
होता है|
b प्राकृतिक कारणों से उत्पन्न भूकंप
उत्तर:- प्राकृतिक कारणों से आने वाली भूकंप को ही भूकंप कहते हैं|
जैसे:- ज्वालामुखी, पातालीय भूकंप, भुसंतुलन से
गुटेनवर्ग, ओलहै, ने गहराई के अनुसार भूकंपों को तिन भागों में बट्टा
है|
उथले भूकंप – (Shaloow Earthquake)
जिन भूकंपों की उत्पति आधार 30km तक गहराई में रहता है| उन्हें उथले
भूकंप कहते हैं| परिधि में ही सबसे नुकसान होता है|
ii मध्यम गहराई वाले भूकंप
iii पातालीय भूकंप
भूकंप का देश किसे कहा जाता है :- जापान
भूकंप एवं भूकंप विज्ञान (Earthquake and seismology)
भूकंप विज्ञान किसे कहते हैं|
उत्तर:- भूकंप के अध्ययन करने वाले विज्ञान को भूकंप विज्ञान या
सिसमोलोजी कहा जाता है|
भूकंपमापी :- भूकंप से संबधित तथ्यों का अध्ययन जिस यंत्र व्दारा किया
जाता है|उसे भूकंप मापी कहते हैं|
भू कांप मूल किसे कहते हैं|(Focus)
उत्तर:- भू-गर्भ में गहराई पर जिस केंद्र से चट्टान में होने वाली
क्रियाओ को उत्पति केंद्र या भूकंप मूल कहते हैं|
अधिकेंन्द्र क्या है?
उत्तर:- जिस स्थान पर सबसे पहले पृथ्वी की सतह पर लम्ववत धक्का महसूस
किया जाता है| उसे अधिकेंद्र (Epicentre) कहते हैं|
भूकंप तरंगे (Earthquake waves)
उत्तर:- भूकंप उत्पति केंद्र से चरों और चलने वाली विभिन्न प्रकार की
तरंगों या कंपन के प्रकार को ही भूकंप तरंग कहते हैं|
रिक्टर पैमाना(Richter scale)
उत्तर:- भूकंप के तीव्रता मापने का यंत्र है|
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